Thursday, February 13, 2020

ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स - O level Computer Course

DOEACC O Level Computer Course Full Information
DOEACC O Level Computer Course Full Information
ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स कंप्यूटर का एक बुनियादी कोर्स होता है जिसमें आपको सभी प्रकार की एप्लीकेशन के बारे में जानकारी दी जाती है इसको पूरा करने के बाद आप कंप्यूटर एप्लीकेशंस में परफेक्ट हो जाते हैं और किसी भी यूनिवर्सिटी के सी एस (Computer Science) डिप्लोमा के बराबर हो जाते हैं।
             CCC कोर्स अगर आप कर लेते हैं तो किसी भी प्रकार की सरकारी नौकरी के लिए आप CCC सर्टिफिकेट को लगा सकते हैं लेकिन अगर आप ग्रेड A और ग्रेड B की जॉब के लिए अप्लाई करते हैं तो आपके पास ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स का होना आवश्यक है इसलिए आप अगर किसी भी गवर्नमेंट जॉब के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो आपके पास ओ लेवल या CCC कोर्स सर्टिफिकेट होना जरूरी है -

ओ लेवल कोर्स का सिलेबस - O level course syllabus :-
यदि आप ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स करना चाहते हैं तो इसके अंदर आपको 4 विषय मिलते हैं और चारों विषयों का एक-एक एग्जाम होता है इन चारों पेपरों के साथ सब्जेक्ट का प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट भी होता है -

★ यह तीन पेपर कंम्‍पसरी होते हैं  -
M1 R4 (It tools and business system)
M2 R4 (internet technology and web design)
M3 R4 (C programming)

★ इसमें तीनों में से आपको कोई एक चुनना होता है :-
M4 1-R4 (.Net programming)
M4 2-R4 (introduction to multimedia)
M4 3-R4 (ICT Re)

इस प्रकार कुल चार पेपर देने हैं

ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स करने के लिए शैक्षिक योग्यता :-
ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स करने के लिए कम से कम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट है या आपके पास ITI का सर्टिफिकेट होना चाहिए अगर आपने 10 वीं के बाद आईटीआई की है तो भी आप ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स कर सकते हैं।

 कैसे करें ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स के लिए अप्लाई :-
ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स 2 तरीके से किया जा सकता है पहला सीधे यानी कि ऑनलाइन और दूसरा किसी भी इंस्टिट्यूट द्वारा अगर आपको सीधे करने में कोई दिक्कत होती है तो आप किसी भी इंस्टिट्यूट में जाकर एडमिशन ले सकते हैं और अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं वहां से आप ओ लेवल की तैयारी कर सकते हैं और एग्जाम देकर ओ लेवल का कोर्स कर सकते हैं अगर आपको इंस्टिट्यूट में जाने में कोई दिक्कत होती है तो आप इसका ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं और खुद से तैयारी करके ऑनलाइन परीक्षा दे सकते हैं

इसके लिए आपको NIELIT की वेबसाइट student.nielit.gov.in पर जाना होगा और O level Computer Course के एग्जाम के लिए O level Online Registration कराना होगा और स्वयं अध्ययन के आधार पर कोर्स का ऑनलाइन एग्जाम देना होगा

NIELIT द्वारा ओ लेवल की परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित कराई जाती है पहली जनवरी में और दूसरी जुलाई में इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिए जाते हैं वह लेवल के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जनवरी और जुलाई से पहले कराना होता है अगर आप जनवरी में परीक्षा देना चाहते हैं तो रजिस्ट्रेशन जुलाई से सितंबर तक के बीच में आप करा लीजिए और यदि आप जुलाई में एग्जाम देना चाहते हैं तो रजिस्ट्रेशन जनवरी से मार्च तक करा लीजिए यह रजिस्ट्रेशन आप NIELIT की वेबसाइट पर जाकर खुद से करा सकते हैं यह रजिस्ट्रेशन 5 साल की अवधि तक मान्य होता है यानी 5 साल तक कभी भी आप अपने अकाउंट से लॉग इन करके एग्जाम के लिए अप्लाई कर सकते हैं इस रजिस्ट्रेशन की फीस ₹500 है और इसके अलावा एग्जाम की फीस अलग से देनी होती है

Friday, February 7, 2020

Friday, January 17, 2020

SSC CHSL Vs SSC MTS: जॉब प्रोफाइल, वेतन, और पदोन्नति

SSC CHSL Vs SSC MTS: जॉब प्रोफाइल, वेतन, और पदोन्नति
SSC CHSL Vs SSC MTS: जॉब प्रोफाइल, वेतन, और पदोन्नति
SSC CHSL vs. SSC MTS: जॉब प्रोफाइल :-
SSC CHSL में, आपकी जॉब प्रोफाइल आपकी पोस्टिंग पर निर्भर करती है|

SSC CHSL जॉब प्रोफाइल:-
डाक सहायक / छंटनी सहायक  - उम्मीदवार को डाकघर, बचत बैंक नियंत्रण संगठन, सर्कल / क्षेत्रीय कार्यालय, मेल मोटर सेवाओं, रिटर्न पत्र कार्यालय, विदेशी डाक संगठन, रेलवे मेल सेवा और विभिन्न बहु-उददेशीय पदों पर भर्ती किया जाता हैं।

लोअर डिवीजन क्लार्क - इस पोस्ट के तहत, मेल पंजीकृत करने, इंडेक्सिंग-रजिस्ट्रिंग और फाइल रजिस्टरों को बनाए रखने, दस्तावेजों में अभिलेख प्राप्त करने और बनाए रखने, अच्छे टाइपिंग- साधारण ड्राफ्ट और स्टेटमेंट तैयार इत्यादि की जिम्मेदारी आपकी होगी

डेटा एंट्री ऑपरेटर-  इस पद की नौकरी में रिपोर्ट तैयार करने, डेटा प्रविष्ट करने और प्रबंधित करने के साथ एमएस एक्सेल, एमएस वर्ड और अन्य कार्यालय अनुप्रयोगों पर विशेषज्ञता होनी शामिल है। इस पोस्ट के लिए टाइपिंग की गति अच्छी होनी चाहिए

SSC मल्टी टास्किंग स्टाफ जॉब प्रोफाइल और कर्तव्य :-
कोर्ट क्लर्क- यह अदालतों में शुरूआती स्तर का लिपिक पद है। ये कोर्ट में सुनवाई से संबंधित प्रशासनिक कार्य को संभालने, रैक में रिकॉर्ड रखने और जब भी आवश्यकता हो उन्हें बाहर निकालने के लिए जिम्मेदार होते हैं।_

SSC MTS कार्य प्रोफ़ाइल
इस प्रविष्टि के माध्यम से, एक उम्मीदवार को चपरासी, जमादार, दफ्तरी, गेस्टेटनेर, चौकीदार, माली, चालक आदि के रूप में पोस्ट किया जाता है।

SSC CHSL vs. SSC MTS: वेतन:-
SSC CHSL: वेतन विवरण-
CHSL पदों के तहत, अधिकारियों का वेतन निम्नानुसार है -

डाक सहायक / छंटनी सहायक- इस पोस्ट के लिए पेशकश वेतनमान रु० 5,200-20,200 और ग्रेड वेतन रू० 2,400 है| मेट्रो शहरों में इस पद के लिए सकल वेतन रु० 26,000 रुपये है और कर कटौती के बाद,  इनहैण्ड वेतन लगभग रु०23,500 होगा


लोअर डिवीजन क्लर्क-  इस पोस्ट के लिए वेतनमान पहले के समान है जो कि रु० 5,200-20,200 और ग्रेड वेतन रु० 1,900 निश्चित किया गया है मेट्रो शहरों में इस पद का कुल वेतन 20,000 रुपये और इनहैण्ड वेतन लगभग रु० 18,000 है|

डेटा एंट्री ऑपरेटर-  इस पद के लिए वेतन रु० 5,200-20,200 व ग्रेड वेतन रु० 1,900 और रु० 2,400 होता है। यह पोस्टिंग पर भी निर्भर करता है गणना की गई सकल वेतन लगभग रु० 26,000 होती है|

कोर्ट क्लर्क- यह पद 2016 में भर्ती में पहली बार शामिल किया गया है। मेट्रो शहरों के लिए, वेतन लगभग 20,000 रुपये है। जोकि वेतनमान रु० 5,200-20,200 और रु० 1, 900 के ग्रेड वेतन के अंतर्गत गणना करने के बाद इनहैण्ड वेतन लगभग रु० 18,000 प्राप्त होता है।

     उपर्युक्त वेतन 6 वें वेतन आयोग के अनुसार है। इन मापदंडों में 7वें वेतन आयोग की सिफारिश शामिल नहीं है।_
SSC MTS: वेतन विवरण :-
पोस्ट
MTS (जीपी 1800)
MTS (जीपी 1800)
MTS (जीपी 1800)

सिटी श्रेणी:-
X
Y
Z

मूल वेतन :-
18,000
18,000
18,000

सकल वेतन -
23,670
21,780
20,340

हाथ में वेतन -
20,245
18,355
16,915

SSC CHSL vs. SSC MTS: करियर विकास और संवर्धन :-
SSC CHSL के मामले में, चार पद हैं और पदोन्नति के विभिन्न स्तर हैं। आइए हर एक को देखें

SSC CHSL: प्रोमोशनल एवेन्यूज -

डाक सहायकों :-

लोअर चयन ग्रेड (एलएसजी) / पर्यवेक्षक--> उच्च चयन ग्रेड (एचएसजी) II / वरिष्ठ पर्यवेक्षक-->उच्च चयन ग्रेड (एचएसजी) द्वितीय / मुख्य पर्यवेक्षक

लोअर डिवीजन क्लर्क :-
सहायक / अपर डिविजनल क्लर्क-->डिवीजन क्लर्क--> सेक्शन ऑफिसर

डाटा एंट्री ऑपरेटर :-
डाटा एंट्री ऑपरेटर ग्रेड-बी-->डेटा एंट्री ऑपरेटर ग्रेड-सी-->डाटा एंट्री ऑपरेटर ग्रेड-एफ (सिस्टम विश्लेषक)_

कोर्ट क्लर्क:-
सहायक क्लर्क--> बेंच क्लर्क-->हेड क्लार्क

SSC MTS: प्रोमोशनल एवेन्यूज :-
       केंद्रीय नागरिक लेखा सेवा के नियम 5 (2) के अनुसार, एलडीसी में रिक्तियों का 5% MTS समूह 'सी' कर्मचारियों जिन्होंने ग्रेड पे रु० 1,800 में नियमित तीन साल की सेवा की हुई है, को वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति करके भर्ती किये जाते हैं|_

• प्रथम संवर्धन: रु० 1900 /- सेवा के तीन साल बाद
• दूसरा पदोन्नति: रु० 2000/ - सेवा के 3 वर्षों के बाद
• तीसरी संवर्धन: रु० 2400/ - 5 साल की सेवा के बाद
• और अधिकतम रुपये 5,400 / - तक

Wednesday, January 8, 2020

UPTET January 2020 Questions Paper Download

UPTET जनवरी 2020 प्राथमिक स्तर का प्रश्नपत्र आप नीचे दिए गए लिंक से डाउनलोड कर सकते है।
UPTET Primary Question Paper January 2020
UPTET Primary January 2020
UPTET Primary Question Paper January 2020-   Download


Tuesday, December 17, 2019

शिक्षा मनोविज्ञान सिद्धांतो के प्रतिपादक और जनक


यहाँ पर कुछ महत्वपूर्ण सिद्धांतो के प्रतिपादक और जनक के नाम दिए गए है जो मनोविज्ञान की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है।
1. मनोविज्ञान के जनक = अरस्तू
2. आधुनिक मनोविज्ञान के जनक = विलियम जेम्स
3. प्रकार्यवाद सम्प्रदाय के जनक = विलियम जेम्स
4. आत्म सम्प्रत्यय की अवधारणा = विलियम जेम्स
5. शिक्षा-मनोविज्ञान के जनक = एडवर्ड थार्नडाइक
६• प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत = थार्नडाइक
७• प्रयत्न एवं भूल का सिद्धांत = थार्नडाइक
८•संयोजनवाद का सिद्धांत = थार्नडाइक
९• उद्दीपन-अनुक्रिया का सिद्धांत = थार्नडाइक
१०•S-R थ्योरी के जन्मदाता = थार्नडाइक
११• अधिगम का बन्ध सिद्धांत = थार्नडाइक
१२•संबंधवाद का सिद्धांत = थार्नडाइक
१३•प्रशिक्षण अंतरण का सर्वसम अवयव
का सिद्धांत = थार्नडाइक
१४• बहुखंड या बहुतत्व बुद्धि का सिद्धांत = थार्नडाइक
१५•बिने-साइमन बुद्धि परीक्षण के प्रतिपादक =अल्फ्रेडबिने एवं साइमन
१६•बुद्धि परीक्षणों के जन्मदाता =अल्फ्रेडबिने
१७•एकखंड बुद्धि का सिद्धांत =अल्फ्रेडबिने
१८• दो खंड बुद्धि का सिद्धांत = स्पीयरमैन
१९• तीन खंड बुद्धि का सिद्धांत = स्पीयरमैन
२० सामान्य व विशिष्ट तत्वों के सिद्धांत के प्रतिपादक = स्पीयरमैन
२१•बुद्धि का द्वय शक्ति का सिद्धांत = स्पीयरमैन
२२•त्रि-आयाम बुद्धि का सिद्धांत = गिलफोर्ड
२३•बुद्धि संरचना का सिद्धांत = गिलफोर्ड
२४• समूह खंडबुद्धि का सिद्धांत = थर्स्टन
२५•युग्म तुलनात्मक निर्णय विधि के प्रतिपादक = थर्स्टन
२६• क्रमबद्ध अंतराल विधि के प्रतिपादक = थर्स्टन
२७• समदृष्टि अन्तर विधि के प्रतिपादक = थर्स्टन व चेव
२८• न्यादर्श या प्रतिदर्श(वर्ग घटक) बुद्धि का सिद्धांत = थॉमसन
२९• पदानुक्रमिक(क्रमिक महत्व) बुद्धि का
सिद्धांत = बर्ट एवं वर्नन
३०•तरल-ठोस बुद्धि का सिद्धांत = आर. बी.केटल
३१•प्रतिकारक (विशेषक) सिद्धांत के
प्रतिपादक = आर. बी.केटल
३३• बुद्धि ‘क’ और बुद्धि ‘ख’ का सिद्धांत = हैब
३४• बुद्धि इकाई का सिद्धांत = स्टर्न एवं जॉनसन
३५• बुद्धि लब्धि ज्ञात करने के सुत्र के प्रतिपादक = विलियम स्टर्न
३६•संरचनावाद साम्प्रदाय के जनक = WilhelmMaximilianWundt व् शिष्यटिंचनर(Edward B. Titchener)
३७•प्रयोगात्मक मनोविज्ञान के जनक = विल्हेम
वुण्ट-1879 में लिपजिग जर्मनी में पहली प्रयोगशाला
३८•विकासात्मक मनोविज्ञान के प्रतिपादक = जीन पियाजे
३९• संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत = जीन पियाजे
४०• मूल प्रवृत्तियों के सिद्धांत के जन्मदाता = विलियम मैक्डूगल
४१• हार्मिक का सिद्धांन्त = विलियम मैक्डूगल
४२•मनोविज्ञान – मन मस्तिष्क का विज्ञान = पोंपोनोजी
४३•क्रिया-प्रसूत अनुबंधन का सिद्धांन्त =B F स्किनर
४४• सक्रिय अनुबंधन का सिद्धांन्त = B F स्किनर
४५• अनुकूलित अनुक्रिया का सिद्धांत = इवान पेट्रोविच पावलव (I P Pavlov)
४६• संबंध प्रत्यावर्तन का सिद्धांत = I P पावलव
४७• शास्त्रीय अनुबंधन का सिद्धांत = इवान पेट्रोविच पावलव
४८•प्रतिस्थापक का सिद्धांत = इवान पेट्रोविच पावलव
४९• प्रबलन (पुनर्बलन) का सिद्धांत = सी. एल. हल
५०• व्यवस्थित व्यवहार का सिद्धांत = सी. एल. हल
५१•सबलीकरण का सिद्धांत = सी. एल. हल
५२•संपोषक का सिद्धांत = सी. एल. हल
५३• चालक / अंतर्नोद(प्रणोद) का सिद्धांत = सी. एल. हल
५४• अधिगम का सूक्ष्म सिद्धान्त = कोहलर
५५• सूझ या अन्तर्दृष्टि का सिद्धांत = कोहलर, वर्दीमर, कोफ्का
५६• गेस्टाल्टवाद सम्प्रदाय के जनक = कोहलर, वर्दीमर, कोफ्का
५७• क्षेत्रीय सिद्धांत =कुर्त लेविन
५८• तलरूप कासिद्धांत =कुर्त लेविन
५९• समूह गतिशीलतासम्प्रत्यय के प्रतिपादक = कुर्त लेविन
६०•सामीप्य संबंधवाद का सिद्धांत =गुथरी
६१• साईन(चिह्न) का सिद्धांत = टॉलमैन
६२• सम्भावना सिद्धांत के प्रतिपादक = टॉलमैन
६३• अग्रिम संगठकप्रतिमान के प्रतिपादक = डेविड आसुबेल
६४• भाषायीसापेक्षता प्राक्कल्पना के
प्रतिपादक = व्हार्फ
६५• मनोविज्ञान के व्यवहारवादी सम्प्रदाय के जनक = जोहन बी. वाटसन
६६• अधिगम या व्यव्हार सिद्धांत के प्रतिपादक = क्लार्क हल
६७•सामाजिक अधिगम सिद्धांत के प्रतिपादक = अल्बर्ट बण्डूरा
६८• पुनरावृत्ति का सिद्धांत = G स्टेनले हॉल
६९• अधिगम सोपानकी के प्रतिपादक = गेने
७०•मनोसामाजिकविकासकासिद्धांत =एरिकएरिक्सन
७१• प्रोजेक्ट प्रणाली से करके सीखना का सिद्धांत = जान ड्यूवी
७२• अधिगम मनोविज्ञान का जनक =हर्मन इबिन हॉस(Hermann Ebbinghaus )
७३•आधुनिक मनोविज्ञान के प्रथम मनोवैज्ञानिक – डेकार्टे
७४•किन्डरगार्टन विधि के प्रतिपादक = फ्रोबेल
७५•डाल्टन विधि के प्रतिपादक = मिस हेलेन पार्कहर्स्ट
७६•मांटेसरी विधि के प्रतिपादक = मैडम मारिया मांटेसरी
७७•संज्ञानात्मक आन्दोलन के जनक =अल्बर्ट बांडूरा
७८•गेस्टाल्टवाद (1912) = कोहलर, कोफ्का, वर्दीमर व लेविन
७९•संरचनावाद (1879)=विलियम वुंट
८०•व्यवहारवाद (1912) = जे. बी. वाटसन
८१•मनोविश्लेशणवाद (1900) –=सिगमंड फ्रायड
८२•विकासात्मक/संज्ञानात्मक = जीन पियाजे
८३•संरचनात्मक अधिगम की अवधारणा = जेरोम ब्रूनर
८४•सामाजिक अधिगम सिद्धांत (1986) = अल्बर्ट बांडूरा
८५•संबंधवाद (1913) – थार्नडाईक
८६•अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत (1904) = पावलव्
८७•क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (1938) – स्किनर
८८•प्रबलन/पुनर्बलन सिद्धांत (1915) – हल
८९•अन्तर्दृष्टि/सूझ सिद्धांत (1912) - कोहलर
९०• विकास के सामाजिक प्रवर्तक = एरिक्सन
९१•प्रोजेक्ट प्रणाली से करके सीखना का सिद्धांत = जान ड्यूवी
९३• अधिगम मनोविज्ञान का जनक = एविग हास
९४• अधिगम अवस्थाओं के प्रतिपादक = जेरोम ब्रूनर
९५• संरचनात्मक अधिगम का सिद्धांत = जेरोम ब्रूनर
९६• सामान्यीकरण का सिद्धांत = सी. एच. जड
९७• शक्ति मनोविज्ञान का जनक = वॉल्फ
९८•अधिगम अंतरण का मूल्यों के अभिज्ञान का सिद्धांत = बगले
९९• भाषा विकास का सिद्धांत = चोमस्की
१००• माँग-पूर्ति(आवश्यकता पदानुक्रम) कासिद्धांत = मैस्लो (मास्लो)
१०१• स्व-यथार्थीकरण अभिप्रेरणा का सिद्धांत= मैस्लो (मास
१०२• आत्मज्ञान का सिद्धांत = मैस्लो (मास्लो)
१०३• उपलब्धि अभिप्रेरणा का सिद्धांत = डेविड सी.मेक्लिएंड
१०४•प्रोत्साहन का सिद्धांत = बोल्स व काफमैन
१०५• शील गुण(विशेषक) सिद्धांत के प्रतिपादक = आलपोर्ट
१०५• व्यक्तित्व मापन का माँग का सिद्धांत = हेनरी मुरे
१०६•कथानक बोध परीक्षण विधि के प्रतिपादक= मोर्गन व मुरे
१०७• प्रासंगिक अन्तर्बोध परीक्षण (T.A.T.) विधि के प्रतिपादक = मोर्गन व मुरे
१०८• बाल -अन्तर्बोध परीक्षण (C.A.T.) विधि के प्रतिपादक = लियोपोल्ड बैलक
१०९• रोर्शा स्याही ध्ब्बा परीक्षण (I.B.T.) विधि के प्रतिपादक = हरमन रोर्शा
११०•वाक्य पूर्ति परीक्षण (S.C.T.) विधि के प्रतिपादक = पाईन व टेंडलर
१११• व्यवहार परीक्षण विधि के प्रतिपादक = मे एवं हार्टशार्न
११२•किंडरगार्टन(बालोद्यान ) विधि के प्रतिपादक = फ्रोबेल
११३•खेल प्रणाली के जन्मदाता = फ्रोबेल
११४•मनोविश्लेषण विधि के जन्मदाता = सिगमंड फ्रायड
११५• स्वप्न विश्लेषण विधि के प्रतिपादक =सिगमंड फ्रायड
११६• प्रोजेक्ट विधि के प्रतिपादक = विलियम हेनरी क्लिपेट्रिक
११७•मापनी भेदक विधि के प्रतिपादक = एडवर्ड्स व क्लिपेट्रिक
११८• डाल्टन विधि की प्रतिपादक = मिस हेलेन पार्कहर्स्ट
११९• मांटेसरी विधि की प्रतिपादक = मेडम मारिया मांटेसरी
१२०•डेक्रोली विधि के प्रतिपादक = ओविड डेक्रोली
१२१•विनेटिका(इकाई) विधि के प्रतिपादक = कार्लटन वाशबर्न
१२२• ह्यूरिस्टिक विधि के प्रतिपादक = एच. ई. आर्मस्ट्रांग
१२३• समाजमिति विधि के प्रतिपादक = जे. एल.\ मोरेनो
१२४• योग निर्धारण विधि के प्रतिपादक = लिकर्ट
१३५• स्केलोग्राम विधि के प्रतिपादक = गटमैन
१३५• विभेद शाब्दिक विधि के प्रतिपादक =आसगुड
१३६• स्वतंत्र शब्द साहचर्य परीक्षण विधि के प्रतिपादक = फ़्रांसिस गाल्टन
१३७•स्टेनफोर्ड- बिने स्केल परीक्षण के प्रतिपादक = टरमन
१३८• पोरटियस भूल-भुलैया परीक्षण के प्रतिपादक = एस.डी. पोरटियस
१३९• वेश्लर-वेल्यूब बुद्धि परीक्षण के प्रतिपादक = डी.वेश्लवर
१४०• आर्मी अल्फा परीक्षण के प्रतिपादक = आर्थर एस. ओटिस
१४१• आर्मी बिटा परीक्षण के प्रतिपादक = आर्थर एस. ओटिस
१४२•हिन्दुस्तानी बिने क्रिया परीक्षण के प्रतिपादक = सी.एच.राइस
१४३•प्राथमिक वर्गीकरण परीक्षण के प्रतिपादक = जे. मनरो
१४४•बाल अपराध विज्ञान का जनक = सीजर लोम्ब्रसो
१४५• वंश सुत्र के नियम के प्रतिपादक = मैंडल
१४६• ब्रेल लिपि के प्रतिपादक = लुई ब्रेल
१४७•साहचर्य सिद्धांत के प्रतिपादक = एलेक्जेंडर बैन
१४८•सीखने के लिए सीखना" सिद्धांत के प्रतिपादक = हर्लो
१४९•शरीर रचना का सिद्धांत = शैल्डन
१५०• व्यक्तित्व मापन के जीव सिद्धांत केप्रतिपादक = गोल्डस्टीन
१५१•अधिगम का सूक्ष्म सिद्धान्त = कोहलर
१५२• क्षेत्रीय सिद्धांत = लेविन
१५३•तलरूप का सिद्धांत = लेविन
१५४•समूह गतिशीलता सम्प्रत्यय के प्रतिपादक = लेविन
१५५•सामीप्य संबंधवाद का सिद्धांत = गुथरी
१५६•साईन(चिह्न) का सिद्धांत = टॉलमैन
१५६• सम्भावना सिद्धांत के प्रतिपादक = टॉलमैन
१५७•अग्रिम संगठक प्रतिमान के प्रतिपादक = डेविड आसुबेल
१५८• भाषायी सापेक्षता प्राक्कल्पना के प्रतिपादक = व्हार्फ
१५९•मनोविज्ञान के व्यवहारवादी सम्प्रदाय के जनक = जोहन बी. वाटसन
१६०• अधिगम या व्यव्हार सिद्धांत के प्रतिपादक = क्लार्क
१६१• सामाजिक अधिगम सिद्धांत के प्रतिपादक = अल्बर्ट बाण्डूरा
१६२• पुनरावृत्ति का सिद्धांत = स्टेनले हॉल
१६३•अधिगम सोपानकी के प्रतिपादक = गेने
१६४• विकास के सामाजिक प्रवर्तक = एरिक्सन
१६५• प्रोजेक्ट प्रणाली से करके सीखना का सिद्धांत = जान ड्यूवी
१६६• अधिगम मनोविज्ञान का जनक = एविग हास
१६७•अधिगम अवस्थाओं के प्रतिपादक= जेरोम ब्रूनर
१६८• संरचनात्मक अधिगम का सिद्धांत = जेरोम ब्रूनर
१६९• सामान्यीकरण का सिद्धांत = सी. एच. जड
१७०• शक्ति मनोविज्ञान का जनक = वॉल्फ
१७१• अधिगम अंतरण का मूल्यों के अभिज्ञान का सिद्धांत = बागले
१७२• भाषा विकास का सिद्धांत = चोमस्की
१७३• माँग-पूर्ति(आवश्यकता पदानुक्रम) का सिद्धांत = मैस्लो (मास्लो)
१७४• स्व-यथार्थीकरण अभिप्रेरणा का सिद्धांत = मैस्लो (मास्लो)
१७५• आत्मज्ञान का सिद्धांत = मैस्लो (मास्लो)
१७६•उपलब्धि अभिप्रेरणा का सिद्धांत = डेविड सी.मेक्लिएंड
१७७• प्रोत्साहन का सिद्धांत = बोल्स व काफमैन
१७८•शील गुण(विशेषक) सिद्धांत के प्रतिपादक = आलपोर्ट
१७९• व्यक्तित्व मापन का माँग का सिद्धांत = हेनरी मुरे
१८०• कथानक बोध परीक्षण विधि के प्रतिपादक = मोर्गन व मुरे
१८१• प्रासंगिक अन्तर्बोध परीक्षण (T.A.T.) विधि के प्रतिपादक = मोर्गन व मुरे
१८२•बाल -अन्तर्बोध परीक्षण (C.A.T.) विधि के प्रतिपादक = लियोपोल्ड बैलक
१८३•रोर्शा स्याही ध्ब्बा परीक्षण (I.B.T.) विधि के प्रतिपादक = हरमन रोर्शा
१८४• वाक्य पूर्ति परीक्षण (S.C.T.)विधि के प्रतिपादक = पाईन व टेंडलर
१८५• व्यवहार परीक्षण विधि के प्रतिपादक = मे एवं हार्टशार्न
१८६•किंडरगार्टन(बालोद्यान ) विधि के प्रतिपादक = फ्रोबेल
१८७• खेल प्रणाली के जन्मदाता = फ्रोबेल
१८८मनोविश्लेषण विधि के जन्मदाता = सिगमंड फ्रायड
१८९• स्वप्न विश्लेषण विधि के प्रतिपादक = सिगमंड फ्रायड
१९०•प्रोजेक्ट विधि के प्रतिपादक = विलियम हेनरी क्लिपेट्रिक
१९१• मापनी भेदक विधि के प्रतिपादक = एडवर्ड्स व क्लिपेट्रिक
१९२• डाल्टन विधि की प्रतिपादक = मिस हेलेन पार्कहर्स्ट
१९३• मांटेसरी विधि की प्रतिपादक = मेडम मारिया मांटेसरी
१९४• डेक्रोली विधि के प्रतिपादक= ओविड डेक्रोली
१९५• विनेटिका(इकाई) विधि के प्रतिपादक = कार्लटन वाशबर्न
१९६• ह्यूरिस्टिक विधि के प्रतिपादक = एच. ई. आर्मस्ट्रांग
१९७• समाजमिति विधि के प्रतिपादक = जे. एल. मोरेनो
१९८• स्वतंत्र शब्द साहचर्य परीक्षण विधि के प्रतिपादक = फ़्रांसिस गाल्टन
१९९• स्टेनफोर्ड- बिने स्केल परीक्षण के प्रतिपादक = टरमन
२००• पोरटियस भूल-भुलैया परीक्षण के प्रतिपादक = एस.डी. पोरटियस

Thursday, December 12, 2019

UPTET/ CTET Paper-|| Practice Book PDF Download

UPTET/ CTET Paper-ll Practice Book
UPTET/ CTET Paper-II Practice Book 
यूपीटीईटी / सीटीईटी जूनियर शिक्षक पात्रता परीक्षा की की प्रैक्टिस बुक आप नीचे दिए गए लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं।
UPTET/ CTET Practice Book - Practice With Explanation Download
 ( जूनियर शिक्षक पात्रता परीक्षा )
Publication - Youth Competition Times
Size - 68.6 MB
Pages - 209
PDF - Download